नक्सल मुठभेड़ में अदम्य साहस के लिए बांदे थाना प्रभारी रामचंद्र साहू का राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए चयन

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कांकेर। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों के लिए गर्व की खबर सामने आई है। बांदे थाना प्रभारी रामचंद्र साहू का चयन राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए किया गया है। उन्हें यह सम्मान 16 अप्रैल 2024 को कलपर-हापाटोला जंगल में हुए भीषण नक्सली मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस, बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया जाएगा।

कलपर-हापाटोला मुठभेड़ में मिली थी बड़ी सफलता

16 अप्रैल 2024 को कलपर-हापाटोला के घने जंगलों में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 29 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ को छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण नक्सल विरोधी अभियानों में गिना गया।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निभाई अहम भूमिका

मुठभेड़ के दौरान घने जंगल, नक्सलियों की मौजूदगी और लगातार बने खतरे के बीच सुरक्षाबलों ने साहस और सूझबूझ के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। इसी कार्रवाई में थाना प्रभारी रामचंद्र साहू की भूमिका और बहादुरी को देखते हुए उनका नाम राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

पुलिस विभाग में खुशी का माहौल

रामचंद्र साहू के राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए चयन की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों में खुशी की लहर है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह और गर्व का माहौल है।

नक्सल मोर्चे पर डटे जवानों के साहस को सलाम

यह सम्मान केवल एक पुलिस अधिकारी की वीरता का सम्मान नहीं, बल्कि नक्सल मोर्चे पर तैनात उन तमाम जवानों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को भी सलाम है, जो कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बिना क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार डटे हुए हैं।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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