खरसिया वृद्ध हत्याकांड : दो आरोपियों को आजीवन कारावास, रायगढ़ पुलिस की मजबूत विवेचना से दोषियों को मिली सजा

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रायगढ़। रायगढ़ पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन की मजबूत पैरवी के चलते खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड में न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गंभीर अपराधों में लगातार हो रहे न्यायिक फैसले रायगढ़ पुलिस की गुणवत्तापूर्ण जांच और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

न्यायालय ने सुनाया फैसला

अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव के न्यायालय ने सत्र प्रकरण क्रमांक 01/2026 (छत्तीसगढ़ शासन विरुद्ध ओमप्रकाश डनसेना व अन्य) में 1 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया।

थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 में आरोपी ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू और कार्तिक डनसेना को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 427 एवं 449 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया।

पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह

अभियोजन के अनुसार ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62 वर्ष) का पुश्तैनी मकान और जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। संपत्ति विवाद और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता गया।

25 दिसंबर 2022 को आरोपियों ने मृतक के छोटे भाई के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। इसके बाद 26 दिसंबर 2022 को पारिवारिक बैठक के दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने वृद्ध नाना गेंदलाल डनसेना पर हमला कर दिया।

टंगिया, फावड़ा और डंडे से की थी हत्या

जान बचाने के लिए वृद्ध गेंदलाल कमरे में छिप गए थे, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और टंगिया, फावड़ा एवं डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी।

पुलिस ने समय पर की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम, चौकी प्रभारी जोबी एएसआई लक्ष्मी राठौर सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एक आरोपी कार्तिक डनसेना को घटनास्थल से गिरफ्तार किया गया, जबकि फरार आरोपी ओमप्रकाश डनसेना को मुखबिर की सूचना पर अगले दिन गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टंगिया, फावड़ा, डंडा, गैस सिलेंडर और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए।

मजबूत साक्ष्यों से मिली सजा

विवेचना के दौरान पुलिस ने महत्वपूर्ण भौतिक और मौखिक साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में मजबूत चालान प्रस्तुत किया। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर ने साक्ष्यों की पेशी सुनिश्चित कराई।

पुलिस द्वारा प्रस्तुत सुदृढ़ साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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