बच्चों में बढ़ती बीमारियां (child health issues) बनी चिंता का कारण, बुराड़ी के मामले ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत
सक्ती/नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में सामने आया एक दर्दनाक मामला बच्चों की बदलती जीवनशैली और खान-पान पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। 10 वर्षीय बच्ची, जो फास्ट फूड (fast food) जैसे मोमोज और चिप्स का नियमित सेवन करती थी, उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसका दिमाग (brain) लगभग काम करना बंद कर गया और लिवर फेल्योर (liver failure) की स्थिति तक पहुंच गई।
मोमोज (momos) और जंक फूड (junk food) बना बीमारी की वजह, बच्ची आईसीयू (ICU) में भर्ती
परिवार के अनुसार, माता-पिता दोनों नौकरीपेशा हैं और बच्ची स्कूल के बाद अक्सर दादा से पैसे लेकर मोमोज (momos) और अन्य जंक फूड (junk food) खाती थी। धीरे-धीरे उसे भूलने की समस्या, थकान और कमजोरी बढ़ती गई। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसे आईसीयू (ICU) में रखा गया।
लिवर फेल्योर (liver failure) और दिमागी सूजन का खुलासा, डॉक्टरों ने बताया गंभीर स्थिति
जांच में पता चला कि बच्ची का लिवर फेल हो चुका था और शरीर में विषैले पदार्थों के कारण दिमाग में सूजन (brain swelling) आ गई थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने शुरुआत में लिवर ट्रांसप्लांट तक की संभावना जताई थी। बाद में प्लाज्माफेरेसिस (plasmapheresis) उपचार के जरिए बच्ची की जान बचाई गई।
डॉक्टरों (doctors) की चेतावनी—35% बच्चों में फैटी लिवर, स्क्रीन टाइम और फास्ट फूड प्रमुख कारण
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेश शर्मा के अनुसार, दिल्ली में लगभग 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर (fatty liver) के लक्षण पाए जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण फास्ट फूड (fast food), अत्यधिक स्क्रीन टाइम (screen time) और शारीरिक गतिविधियों (physical activity) की कमी है। उन्होंने कहा कि अब कम उम्र में भी गंभीर लिवर फेल्योर के मामले सामने आने लगे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
परिवार की कहानी—कामकाजी जीवनशैली और लापरवाह खानपान बना खतरे की वजह
बच्ची की मां सावित्री माथुर ने बताया कि वह और उनके पति दोनों कामकाजी हैं, जिसके कारण बच्चों पर पूरी निगरानी नहीं हो पाती। बच्ची अक्सर घर का बना खाना छोड़कर बाहर का खाना पसंद करती थी, जो धीरे-धीरे उसकी सेहत पर भारी पड़ गया। अस्पताल में इलाज के बाद अब बच्ची ने फास्ट फूड से पूरी तरह दूरी बना ली है।
शारीरिक गतिविधि (physical activity) की कमी और जंक फूड (junk food) से बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल बच्चों में खेलकूद की कमी और मोबाइल (mobile) व स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की आदत भी बीमारियों को बढ़ा रही है। संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि ही बच्चों को इन गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।















































