पापा राव अपने 17 साथियों के साथ हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर सकता है। जगदलपुर में बस्तर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने यह सरेंडर होने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। लंबे समय से इनामी नक्सली कमांडर पापा राव के संभावित आत्मसमर्पण की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक हलकों में नई उम्मीद जगा दी है।
कौन है पापा राव?
- पापा राव नक्सल नेटवर्क का एक अहम और प्रभावशाली चेहरा रहा है।
- करीब 25 लाख रुपये का इनामी
- वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव
- दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय सदस्य
- बस्तर में कई बड़े हमलों की रणनीति तैयार करने में उसकी प्रमुख भूमिका रही है।
खूनी हमलों से जुड़ा नाम
पापा राव का नाम कई बड़े नक्सली हमलों में सामने आ चुका है। कुटरू-बेदरे रोड पर हुआ IED ब्लास्ट, जिसमें 8 जवान शहीद हुए थे, उसी की योजना का हिस्सा माना जाता है। इसके अलावा एंबुश और सुरक्षाबलों पर कई हमलों की साजिश में भी उसकी सक्रिय भागीदारी रही है। वह पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) में रणनीतिक और ऑपरेशनल दोनों स्तरों पर सक्रिय रहा है। उसका पारिवारिक जुड़ाव भी संगठन से रहा उसकी पत्नी उर्मिला भी नक्सली गतिविधियों में शामिल थी और एक मुठभेड़ में मारी जा चुकी है।














































