कुमनार में पुलिस ने नया कैंप खोला है। यह नक्सलियों का गढ़ था, जहां बसवाराजू का खौफ था। अब खौफ खत्म हुआ और ग्रामीण तिरंगा फहराएंगे।
एक ओर जहां नक्सल टीमें पूरी तरह से ध्वस्त होने के साथ ही बचे हुए नक्सलियों को पुलिस मुख्य धारा से जोड़ रही है। वहीं अब कुमनार में पुलिस जवानों ने कैम्प खोलकर नक्सलियों के ऊपर एक ओर कड़ा प्रहार किया है, इसे कभी नक्सलियों का अघोषित साम्राज्य कहा जाता था। इस कैम्प के खुलने से ग्रामीणों में काफी खुशी देखा जा रही है, क्योंकि अब यहां भी तिरंगा फहराया जाएगा।

बता दें कि नारायणपुर जिले के ओरछा से लगा ग्राम कुमनार, जो नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का सेफजोन माना जाता था। यहां पर नक्सलियों का खौफ काफी देखा जाता था, इसी जगह पर नक्सलियों के टॉप लीडर बसवाराजू का डर देखा जाता था, साथ ही इस जगह पर कभी भी तिरंगा नहीं फहराया जाता था, ऐसे में लोग इस जगह में जाने से कतराते थे। लेकिन जब से जवानों ने बसवाराजू को मार गिराया, इस क्षेत्र में नक्सलियों का खौफ पूरी तरह से खत्म होने लगा है। अब ऐसा समय आ गया है कि यह क्षेत्र नक्सलियों के पकड़ से छूट गया और पुलिस के कब्जे में आ गया। जिसके बाद कुमनार में अंतिम नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप खोला गया है।

यह वही एरिया है, जहां कुख्यात नक्सली बसवाराजू को जवानों ने ढेर किया था, अब ये कहा जा रहा है कि यहां के निवासी ग्रामीण अब निर्भीक होकर तिरंगा फहराएंगे, अब देखा जा रहा है कि लोकतंत्र के दुश्मनों का खौफ समाप्त होते जा रहा है। वर्ष 2025 के पहले तक ओरछा के भीतर था, यह नक्सलियों का अघोषित साम्राज्य बना हुआ था, लेकिन अब मुक्त हो गया है।














































