बिलासपुर, छत्तीसगढ़
मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर रची गई सुनियोजित साजिश, राजस्व रिकॉर्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी क्षेत्र में जमीन हड़पने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे 95 वर्ष पूर्व मृत व्यक्ति को जीवित दर्शाकर राजस्व रिकॉर्ड में उसकी उम्र 46 वर्ष दर्ज करा दी। इस संगठित साजिश के जरिए सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर जमीन पर अवैध कब्जा किया गया।
30 डिसमिल जमीन पर फर्जी नामांतरण, पुराने रिकॉर्ड का उठाया गया फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 30 डिसमिल बेशकीमती भूमि, जो मूल रूप से कौशल प्रसाद ब्राह्मण और उनके परिवार के नाम दर्ज थी, लंबे समय से फौती और नामांतरण न होने के कारण खाली पड़ी थी। इसी स्थिति का फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को अपने नाम कराने का खेल रचा।
राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर बदला गया मालिकाना हक, असली वारिस हुए हैरान
वर्ष 2022 में अचानक राजस्व रिकॉर्ड में इस भूमि को कौशल प्रसाद सूर्यवंशी के नाम दर्ज कर दिया गया, जिससे वास्तविक मालिक एडवोकेट राजीव दुबे और उनका परिवार हैरान रह गया। जांच में सामने आया कि दस्तावेजों में हेरफेर कर असली मालिक की जगह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जमीन ट्रांसफर कर दी गई।
पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन की बिक्री, फर्जी कागजातों का किया गया इस्तेमाल
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि फर्जी तरीके से दर्ज किए गए व्यक्ति के नाम पर पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर जमीन को रमेश पांडेय को बेच दिया गया। पूरी प्रक्रिया में कूटरचित और जाली दस्तावेजों का उपयोग कर वैधानिक दिखाने का प्रयास किया गया।
SDM ने शुरू की जांच, प्रारंभिक पड़ताल में फर्जीवाड़े के संकेत मिले
मामले की शिकायत के बाद एसडीएम मनीष साहू ने जांच शुरू की, जिसमें प्रारंभिक स्तर पर फर्जी रिकॉर्ड और कूटरचना के प्रमाण सामने आए हैं। एसडीएम ने मामले को पुनरीक्षण में लेते हुए तहसीलदार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं और जल्द एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
एक नहीं, दर्जनों मामलों में सामने आया पैटर्न, राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल
जानकारी के अनुसार, ऐसे करीब दर्जनभर मामले सामने आ चुके हैं, जहां कभी मृत व्यक्ति को जीवित और कभी जीवित को मृत दिखाकर जमीन हड़पने की घटनाएं उजागर हुई हैं। इन मामलों में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है।
अन्य मामलों में भी फर्जी नामांतरण और बिक्री के चौंकाने वाले उदाहरण
एक अन्य प्रकरण में दंपत्ति को मृत घोषित कर उनकी जमीन का फर्जी नामांतरण कर दिया गया और बाद में उसे कई लोगों को बेच दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि संगठित गिरोह इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।
सख्त कार्रवाई के संकेत, दोषियों पर गिरेगी गाज
एसडीएम मनीष साहू ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।














































