क्या जनता जिन प्रतिनिधियों को कानून बनाने के लिए चुनती है, वही कानून के दायरे में सवालों के घेरे में खड़े हों तो लोकतंत्र का चेहरा कैसा दिखेगा? केरल विधानसभा की ताजा रिपोर्ट इसी असहज सच को उजागर करती है, जहां बड़ी संख्या में विधायक आपराधिक मामलों से घिरे हैं और कई करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।
केरल के विधायकों की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के लगभग 70 प्रतिशत मौजूदा विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इतना ही नहीं, आधे से ज्यादा विधायक करोड़पति भी हैं।
सभी प्रमुख दलों में आपराधिक छवि वाले विधायक
यह प्रवृत्ति किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। विभिन्न राजनीतिक दलों में आपराधिक मामले घोषित करने वाले विधायकों का अनुपात काफी अधिक है।
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी): 58 में से 43 विधायक (74%) आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 21 में से 19 विधायक (90%) आपराधिक मामलों में फंसे हैं।
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी: 44% विधायक।
- इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग: 86% विधायकों ने ऐसे मामले घोषित किए हैं।
आर्थिक स्थिति: करोड़पतियों की भरमार
वित्तीय मोर्चे पर भी विधायकों की स्थिति काफी मजबूत है। 132 में से 72 विधायकों (55%) ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। सभी 132 विधायकों की कुल संपत्ति 363.78 करोड़ रुपये है, जिसका औसत 2.75 करोड़ रुपये प्रति विधायक है।
पार्टीवार संपत्ति का विवरण:
| पार्टी | 1 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले विधायकों का प्रतिशत |
|---|---|
| केरल कांग्रेस (एम) | 100% |
| जद(एस) | 100% |
| राकांपा | 100% |
| केरल कांग्रेस | 100% |
| आईयूएमएल | 86% |
| कांग्रेस | 62% |
| सीपीआई (एम) | 40% |
सबसे अमीर और सबसे गरीब विधायक
कांग्रेस के विधायक मैथ्यू कुझलनंदन सबसे अमीर विधायक पाए गए हैं, जिनकी कुल संपत्ति 34 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके बाद निर्दलीय विधायक मणि सी कप्पन हैं, जिनकी संपत्ति 27 करोड़ रुपये से अधिक है। केरल कांग्रेस (बी) के के बी गणेश कुमार की संपत्ति 19 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं, दूसरी ओर, सीपीआई (एम) के विधायक पी पी सुमोद ने लगभग 9.9 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है, जो विश्लेषण किए गए विधायकों में सबसे कम है।
शैक्षणिक योग्यता और जनसांख्यिकी
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 61% विधायकों ने स्नातक या उससे ऊपर की शिक्षा प्राप्त की है, जबकि 36% विधायकों ने कक्षा 5 से 12 तक की पढ़ाई की है। महिला विधायकों की संख्या काफी कम है, केवल 11 विधायक (8%) महिला हैं। आयु वर्ग के अनुसार, 70% विधायक 51 से 80 वर्ष के बीच हैं, जबकि 30% विधायक 25-50 वर्ष की आयु समूह में आते हैं।














































