छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में ACB ने पोड़ी चौकी प्रभारी एसआई अब्दुल मुनाफ को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। एएसआई गुरू प्रसाद यादव भी हिरासत में हैं। केस रफा-दफा करने के बदले घूस मांगी गई थी।
Chattisgarh (CG) ACB Action: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने पोड़ी चौकी प्रभारी एसआई अब्दुल मुनाफ को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मामले में चौकी में पदस्थ एएसआई गुरू प्रसाद यादव को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों को पूछताछ के लिए अंबिकापुर स्थित ACB कार्यालय ले जाया गया है।
मर्ग जांच में फंसाने की धमकी देकर मांगी घूस
जानकारी के अनुसार ग्राम कदम बहरा निवासी सत्येंद्र प्रजापति को मर्ग जांच में आपराधिक मामला दर्ज करने की धमकी दी गई थी। आरोप है कि केस रफा-दफा करने और नाम हटाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायत के बाद ACB ने रचा ट्रैप
पीड़ित ने मामले की शिकायत सरगुजा ACB से की। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता को केमिकल लगे 25 हजार रुपये देकर चौकी भेजा गया।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए चौकी प्रभारी
मंगलवार को बचरा-पोड़ी चौकी में शिकायतकर्ता ने चौकी प्रभारी को 25 हजार रुपये दिए और तय संकेत दिया। इशारा मिलते ही ACB टीम अंदर पहुंची और एसआई अब्दुल मुनाफ को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। उनके पास से रिश्वत की राशि बरामद की गई।
ASI भी हिरासत में
कार्रवाई के दौरान चौकी में पदस्थ एएसआई गुरू प्रसाद यादव को भी हिरासत में लिया गया। उनसे मामले में भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है।
बच्चे की मौत की जांच से जुड़ा मामला
बताया गया कि सत्येंद्र प्रजापति ने घर निर्माण के लिए ईंट बनवाने हेतु गड्ढा खुदवाया था, जिसमें भरे पानी में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच चौकी में पदस्थ अधिकारियों द्वारा की जा रही थी। आरोप है कि इसी जांच में राहत देने के नाम पर रिश्वत मांगी गई।
शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
ACB ने 21 फरवरी 2026 को शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की और जांच के बाद ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB ने एसआई अब्दुल मुनाफ और एएसआई गुरू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। ACB अधिकारियों का कहना है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।















































