कया के मछली बाड़ी क्षेत्र में हादसा, 1 से डेढ़ साल के शावक को नहीं बचा सका झुंड
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील घटना सामने आई है। कया के मछली बाड़ी क्षेत्र में बने एक गहरे गड्ढे में गिरने से लगभग 1 से डेढ़ साल के हाथी शावक की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरी रात जंगल हाथियों की हृदयविदारक चिंघाड़ से थर्राता रहा।
रातभर झुंड करता रहा बचाने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सकी जान
मिली जानकारी के अनुसार, शावक के साथ मौजूद हाथियों का झुंड पूरी रात उसे गड्ढे से बाहर निकालने का प्रयास करता रहा। हाथियों की लगातार चिंघाड़ और हलचल से पूरा इलाका दहशत में रहा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद शावक को सुरक्षित नहीं निकाला जा सका और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शावक का शव 2 से 3 दिन पुराना हो सकता है।
बुलेकरा से घरघोड़ा की ओर बढ़ रहा था झुंड, तभी हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि रात के समय हाथियों का झुंड बुलेकरा क्षेत्र से घरघोड़ा की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान अंधेरे में गड्ढा नजर नहीं आने के कारण शावक उसमें गिर पड़ा। सुबह जब गड्ढे में शावक का शव देखा गया, तो वन विभाग में हड़कंप मच गया।
वन विभाग की कार्रवाई शुरू, डीएफओ रायगढ़ भी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही घरघोड़ा रेंजर सी.के. राठिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच कार्रवाई शुरू की। जानकारी के अनुसार डीएफओ रायगढ़ भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वन विभाग द्वारा पूरे मामले की वैधानिक जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अवैध व असुरक्षित गड्ढों पर फिर उठे सवाल, वन्यजीवों के लिए बन रहे मौत का जाल
इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में बने अवैध और असुरक्षित गड्ढों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे गड्ढे वन्यजीवों के लिए लगातार मौत का जाल साबित हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
सूत्रों से जानकारी अधूरी, कई सवाल अब भी अनुत्तरित
वन विभाग के सूत्रों से बात किए जाने पर भी घटना से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं आ पा रही है, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।















































