बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के तत्वावधान में आयोजित नौवां प्रांतीय सम्मेलन 2026 का शुभारंभ न्यायधानी बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। यह बिलासपुर शहर के लिए गौरव का क्षण है कि उसे दूसरी बार इस राज्य स्तरीय सम्मेलन की मेजबानी करने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक सुशांत शुक्ला ,महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार ने इस अवसर पर आयोग का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सम्मेलन की रूपरेखा साझा की।
सत्र की शुरुआत छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल (पाली) और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (भरनी) के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई, जिसने छत्तीसगढ़ी लोक कला की छटा बिखेर दी।
जैसा कि प्रसिद्ध विद्वान श्री प्यारेलाल गुप्त जी ने अपनी पुस्तक “प्राचीन छत्तीसगढ़” में कहा है – “छत्तीसगढ़ी भाषा अर्धमागधी की दुहिता एवं अवधी की सहोदरा है” – यह उद्धरण छत्तीसगढ़ी की प्राचीनता और समृद्धि को रेखांकित करता है, जो आज भी हमारी सांस्कृतिक पहचान की मजबूत नींव है।















































