छत्तीसगढ़ | रायपुर | रायपुर प्रेस क्लब चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त होते ही चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। अंतिम दिन “क्रांतिकारी पैनल” द्वारा सभी पदों पर एक साथ नामांकन दाख़िल किए जाने से प्रेस क्लब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ पत्रकार सुनील नामदेव के अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरते ही मुकाबला अब सिर्फ पदों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे पत्रकारिता की दिशा और मूल्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्रांतिकारी पैनल ने झोंकी पूरी ताकत
नामांकन के साथ ही क्रांतिकारी पैनल ने अपने सभी उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा कर दी। पैनल के अनुसार यह चुनाव “व्यक्तियों का नहीं, विचारों का संघर्ष” है।
क्रांतिकारी पैनल के उम्मीदवार इस प्रकार हैं—
- अध्यक्ष: सुनील नामदेव
- उपाध्यक्ष: सुधीर आज़ाद तम्बोली
- महासचिव: सुरेंद्र शुक्ला
- कोषाध्यक्ष: कुलदीप शुक्ला
- सह सचिव: शिवशंकर सारथी
अध्यक्ष पद के लिए सुनील नामदेव के प्रस्तावक पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष दामू आंबेडारे और वरिष्ठ पत्रकार जे.पी. त्रिपाठी रहे, जिससे चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
हर वर्ग की भागीदारी, नामांकन में दिखी ताकत
नामांकन के दौरान कलेक्टर परिसर में पत्रकारों की बड़ी मौजूदगी रही। वरिष्ठ, युवा और महिला पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दे दिया कि इस बार का चुनाव बेहद अहम और निर्णायक होने वाला है।
अन्य पदों पर प्रस्तावकों में भी अनुभवी और सक्रिय पत्रकार शामिल रहे—
- उपाध्यक्ष: चित्रा पटेल, रेनू नंदी
- महासचिव: लोकेश धोटे, लक्ष्मण लेखवानी
- कोषाध्यक्ष: अभिनेष पांडेय, बलदेव यादव
- सह सचिव: उत्तम सोनी, भगत परिहार
“पत्रकार चुनिए, सौदेबाज नहीं” — नीलेश शर्मा
क्रांतिकारी पैनल के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार नीलेश शर्मा की मौजूदगी में सभी उम्मीदवारों ने नामांकन दाख़िल किया। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा—
“यह चुनाव कुर्सी का नहीं, पत्रकारिता की आत्मा को बचाने का है।
रायपुर के पत्रकारों को तय करना है—पत्रकार चुनना है या सौदेबाज।”
उनका यह बयान मौजूदा व्यवस्था पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
पैदल मार्च और घोषणा पत्र ने बढ़ाया सियासी तापमान
नामांकन के बाद क्रांतिकारी पैनल ने समर्थकों के साथ कलेक्टर परिसर से प्रेस क्लब तक पैदल मार्च किया। इसके बाद आयोजित सभा में पैनल का घोषणा पत्र प्रस्तुत किया गया।
घोषणा पत्र के प्रमुख वादे—
- नवा रायपुर में पत्रकार आवास योजना के लिए ठोस पहल
- पत्रकारों के बच्चों के लिए स्कूल प्रवेश व फीस संबंधी सहयोग
- महिला पत्रकारों के लिए विशेष सुविधाएँ
- प्रेस क्लब में कैंटीन और रात्रिकालीन भोजन व्यवस्था
- पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के अवसर
- समय पर चुनाव, कोर्ट-कचहरी की राजनीति से मुक्ति
- रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और कानूनी संरक्षण
नीलेश शर्मा ने कहा कि अब “पद से चिपके रहने की संस्कृति” समाप्त होगी और प्रेस क्लब को फिर से पत्रकारों की सशक्त संस्था बनाया जाएगा।
चुनावी तस्वीर: बहुकोणीय मुकाबला
इस बार रायपुर प्रेस क्लब चुनाव में—
- 6 से अधिक पैनल
- 60 से ज्यादा उम्मीदवार
मैदान में हैं। नामांकन वापसी के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।















































