रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने रायपुर चिकित्सा महाविद्यालय के दिवंगत सह प्राध्यापक डॉ. राकेश मोहन चंदोला के परिवार को बड़ी राहत दी है। राज्य मंत्रिपरिषद ने उनकी 34 साल से अधिक की सेवा अवधि को परिवार पेंशन की गणना के लिए नियमित सेवा मानने की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से उनके पात्र परिजनों को परिवार पेंशन के साथ बकाया राशि (एरियर्स) और नियमानुसार ब्याज का लाभ भी मिल सकेगा।
34 साल से अधिक की सेवा अवधि को मिली मान्यता
डॉ. राकेश मोहन चंदोला रायपुर चिकित्सा महाविद्यालय में सह प्राध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक अपनी सेवाएं दी थीं। राज्य मंत्रिपरिषद ने उनकी इस पूरी सेवा अवधि को परिवार पेंशन की पात्रता और गणना के उद्देश्य से नियमित सेवा के रूप में स्वीकार करने की स्वीकृति प्रदान की है।
इस निर्णय से लंबे समय से पेंशन संबंधी लाभों की प्रतीक्षा कर रहे उनके परिवार को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
परिवार पेंशन के साथ एरियर्स और ब्याज भी मिलेगा
राज्य सरकार ने पात्र परिजनों को केवल मासिक परिवार पेंशन देने की ही मंजूरी नहीं दी है, बल्कि पिछली अवधि की बकाया पेंशन राशि और नियमानुसार ब्याज का भुगतान करने का भी निर्णय लिया है।
इसके बाद संबंधित विभाग निर्धारित नियमों के अनुसार पेंशन की गणना करेगा। इसमें पात्र परिवारजनों को मिलने वाली मासिक पेंशन, बकाया राशि और देय ब्याज का निर्धारण किया जाएगा।
हालांकि, फिलहाल कुल बकाया राशि, मासिक पेंशन, ब्याज की दर और भुगतान की निश्चित तारीख को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
परिवार को लंबे इंतजार के बाद मिलेगी राहत
डॉ. चंदोला की सेवा अवधि को परिवार पेंशन के लिए मान्यता देने का प्रस्ताव राज्य मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा गया था। विचार-विमर्श के बाद मंत्रिपरिषद ने 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन से नियमित मानने की मंजूरी दी।





























