मतदाता सूची पुनरीक्षण-2027 की तैयारी शुरू, 12 नवंबर को होगा प्रारंभिक प्रकाशन

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मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और त्रुटियां सुधारने का मिलेगा अवसर, मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया 2 नवंबर तक पूरी होगी

मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2027 के तहत प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम के माध्यम से पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने, दर्ज विवरणों में संशोधन करने और गलत प्रविष्टियों को सुधारने का कार्य किया जाएगा। इसी सिलसिले में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने दी पुनरीक्षण की जानकारी

बैठक की अध्यक्षता उप जिला निर्वाचन अधिकारी शबाब खान ने की। इस दौरान मतदाता सूची को दुरुस्त करने, मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।

निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की निर्धारित समय-सीमा और प्रक्रिया से अवगत कराया। साथ ही पात्र नागरिकों से अपील की गई कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और दर्ज विवरणों की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते सुधार कराया जा सके।

12 नवंबर को जारी होगी प्रारंभिक मतदाता सूची

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर 2026 को एकीकृत मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा।

प्रारंभिक सूची जारी होने के बाद नागरिक उसमें अपना नाम, पता और अन्य दर्ज जानकारियां देख सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है या दर्ज विवरणों में कोई गलती है, तो निर्धारित अवधि के दौरान आवेदन कर आवश्यक सुधार कराया जा सकेगा।

समय रहते जांच लें अपना नाम

मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण पात्र नागरिकों को सूची में अपना नाम दर्ज कराने और विवरणों में सुधार का अवसर प्रदान करता है। निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक सूची जारी होने के बाद उसकी जांच करें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समय-सीमा के भीतर दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें।

मतदाता सूची में सही और अद्यतन जानकारी सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। समय पर नाम और विवरणों की जांच करने से आगामी निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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