गोवा के बंदरगाह शहर वास्को के प्रमुख बाजार में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से 150 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं। आग में दुकानों और उनमें रखे सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, चार घंटे से अधिक समय तक चले दमकल अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आधी रात के आसपास भड़की आग, चार घंटे चला अभियान
अधिकारियों के अनुसार, बाजार में आग बुधवार रात करीब आधी रात के आसपास लगी। देखते ही देखते आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख बाजार में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार अपना सामान बचाने के लिए भागदौड़ करते नजर आए।
आग की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न संस्थानों की दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है।
मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का किया दौरा, सहायता का आश्वासन
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत स्थानीय विधायकों और राज्य के एक मंत्री के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आग में 150 से अधिक दुकानें जल गई हैं। घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुकानदारों ने दिवाली के मद्देनजर अपनी दुकानों में बड़ी मात्रा में जरूरी सामान जमा कर रखा था। आग में सामान जलने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार प्रभावित व्यापारियों को राहत देने के लिए सहायता उपलब्ध कराएगी।
एक ही रात में आग की तीन घटनाओं का दावा
प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि वास्को शहर में कुछ ही समय के अंतराल में आग लगने की तीन अलग-अलग घटनाएं हुईं। पहली घटना बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे शहर के बाहरी इलाके में एक मकान में हुई। इसके बाद एक गैरेज में आग लग गई, जहां दो वाहन जलकर खाक हो गए।
इन घटनाओं के कुछ ही देर बाद शहर के प्रमुख बाजार में भीषण आग भड़क उठी। हालांकि, तीनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नौसेना और तटरक्षक बल ने भी संभाला मोर्चा
गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बताया कि आग बुझाने के अभियान में भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड और मोरमुगाओ पोर्ट प्राधिकरण सहित विभिन्न संस्थानों की दमकल गाड़ियों की मदद ली गई।
दिवाली से पहले हुए इस हादसे ने कई दुकानदारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। अब प्रभावित व्यापारियों को नुकसान के आकलन और सरकारी सहायता का इंतजार है, जबकि आग लगने के कारणों का पता लगाने की चुनौती भी बनी हुई है।





























