Bharat NCAP 2.0 में तीन की जगह होंगे पांच क्रैश टेस्ट, पैदल यात्रियों और इलेक्ट्रिक कारों की सुरक्षा पर भी रहेगा जोर
नई दिल्ली। भारत में कारों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार नए और सख्त सुरक्षा मानक लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत अक्टूबर 2027 से 2032 के बीच चरणबद्ध तरीके से कारों की सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। इसमें फ्रंटल, साइड और रियर क्रैश टेस्ट के साथ पैदल यात्रियों को होने वाली चोटों के जोखिम की भी जांच की जाएगी। वहीं, प्रस्तावित Bharat NCAP 2.0 कार्यक्रम में क्रैश टेस्ट की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने की योजना है। नए स्कोरिंग सिस्टम के कारण कार कंपनियों के लिए 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग हासिल करना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सड़क दुर्घटनाओं में मौतों के आंकड़े चिंताजनक
सड़क परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में भारत में 4,80,583 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,72,890 लोगों की मौत हुई। इनमें 44.8 प्रतिशत मृतक दोपहिया वाहन चालक या सवार थे, जबकि 20.4 प्रतिशत पैदल यात्री थे।
इन आंकड़ों को देखते हुए प्रस्तावित सुरक्षा मानकों का उद्देश्य केवल कार में बैठे चालक और यात्रियों को सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों समेत अन्य लोगों की सुरक्षा को भी बेहतर बनाना है।
Bharat NCAP 2.0 में पांच तरह के क्रैश टेस्ट
वर्तमान में भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Bharat NCAP) के तहत कारों को सुरक्षा प्रदर्शन के आधार पर एक से पांच स्टार तक रेटिंग दी जाती है। मौजूदा व्यवस्था में फ्रंटल क्रैश टेस्ट 64 किमी प्रति घंटे, साइड क्रैश टेस्ट 50 किमी प्रति घंटे और पोल टेस्ट 29 किमी प्रति घंटे की गति से किया जाता है।
प्रस्तावित Bharat NCAP 2.0 में इन परीक्षणों को और सख्त बनाने की योजना है। इसके तहत पोल टेस्ट की गति 29 से बढ़ाकर 32 किमी प्रति घंटा करने और साइड क्रैश टेस्ट में इस्तेमाल होने वाले बैरियर का वजन 950 किलोग्राम से बढ़ाकर 1,300 किलोग्राम करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, 50 किमी प्रति घंटे की गति से फुल-फ्रंट क्रैश टेस्ट और रियर क्रैश टेस्ट भी शामिल किए जाने की योजना है। इन बदलावों से दुर्घटना के अलग-अलग हालात में कार की सुरक्षा क्षमता का अधिक व्यापक आकलन किया जा सकेगा।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस
नए मानकों में कार की टक्कर से पैदल यात्रियों के सिर और पैरों पर लगने वाली चोटों के जोखिम का आकलन भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। प्रस्ताव के अनुसार, अक्टूबर 2032 से पैदल यात्रियों की सुरक्षा जांचने के लिए FlexPLI उपकरण का इस्तेमाल अनिवार्य किया जा सकता है।
इस तकनीक के जरिए यह आकलन किया जाता है कि किसी वाहन की टक्कर की स्थिति में पैदल यात्री के निचले पैर पर कितनी गंभीर चोट लगने का खतरा है। इससे वाहन निर्माताओं को कार के अगले हिस्से की डिजाइन में ऐसे बदलाव करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है, जो दुर्घटना के दौरान चोटों की गंभीरता कम करने में मदद करें।
पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक कारों के लिए भी नए प्रावधान
प्रस्तावित नियमों में दुर्घटना के बाद वाहन के ईंधन सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन की सुरक्षा को भी शामिल किया गया है। अप्रैल 2029 से लागू किए जाने वाले प्रस्तावित रियर इंपैक्ट नियमों के तहत पेट्रोल-डीजल कारों के फ्यूल सिस्टम तथा इलेक्ट्रिक कारों के पावरट्रेन की सुरक्षा की जांच की जाएगी।
इसके अलावा, अक्टूबर 2029 से कारों में इवेंट डेटा रिकॉर्डर (EDR) लगाना अनिवार्य करने की योजना है। यह उपकरण दुर्घटना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े रिकॉर्ड करने में मदद करता है। इससे दुर्घटना के समय वाहन की स्थिति और उससे संबंधित घटनाक्रम को समझने में सहायता मिल सकती है।
5-स्टार रेटिंग के लिए हासिल करने होंगे ज्यादा अंक
प्रस्तावित स्कोरिंग सिस्टम में कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें अलग-अलग सुरक्षा मानकों को इस प्रकार अंक देने का प्रस्ताव है:
- क्रैश टेस्ट: 55 अंक
- वाहन के बाहर मौजूद लोगों की सुरक्षा: 20 अंक
- ड्राइवर वॉर्निंग सिस्टम: 10 अंक
- दुर्घटना से बचाव करने वाली तकनीक: 10 अंक
- दुर्घटना के बाद की सुरक्षा: 5 अंक
प्रस्ताव के अनुसार, 5-स्टार रेटिंग के लिए वर्ष 2027 से कम से कम 70 अंक और वर्ष 2029 से 80 अंक हासिल करने की शर्त रखी जा सकती है। हालांकि, इन प्रावधानों और लागू होने की तारीखों की अंतिम पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना देखना जरूरी होगा।
कार खरीदने वालों के लिए क्यों अहम हैं नए नियम?
सुरक्षा मानकों में प्रस्तावित बदलावों से वाहन कंपनियों को कारों की संरचना, एयरबैग व्यवस्था, पैदल यात्री सुरक्षा और दुर्घटना के बाद सुरक्षा से जुड़े उपायों में सुधार करना पड़ सकता है। इससे भविष्य में कार खरीदने वाले ग्राहकों को वाहनों की सुरक्षा क्षमता की तुलना करने के लिए अधिक व्यापक जानकारी मिल सकती है।






























