फील्डिंग के दौरान ही पिच और मैदान के छोटे हिस्से को भांप लिया था अभिषेक ने, अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का श्रेय कोचिंग स्टाफ और अभ्यास को दिया
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपनी ऐतिहासिक पारी के पीछे की रणनीति का खुलासा किया है। अभिषेक ने महज 35 गेंदों में शतक पूरा किया और 38 गेंदों पर 113 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 11 छक्के और 9 चौके लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने रिकॉर्ड गति से रन बनाते हुए मुकाबले में अपनी मजबूत स्थिति बनाई।
अभिषेक की बल्लेबाजी का अंदाज ऐसा था कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज लगातार दबाव में नजर आए। भारत ने महज 2.2 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए, जबकि पांच ओवर में टीम का स्कोर 100 रन तक पहुंच गया। अभिषेक ने अब बताया है कि उन्होंने इस पारी की योजना कैसे बनाई और अपनी सफलता का श्रेय किन लोगों को दिया।
फील्डिंग के दौरान ही समझ लिया था पिच का मिजाज
अभिषेक शर्मा ने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान उन्हें और युवा साथी वैभव सूर्यवंशी को मैदान पर परिस्थितियों का फायदा मिला। उन्होंने कहा कि फील्डिंग करते समय ही दोनों ने पिच के व्यवहार और मैदान की बनावट पर ध्यान दिया था।
अभिषेक के मुताबिक, पिच पर गेंद को अतिरिक्त उछाल मिल रहा था और मैदान का एक हिस्सा अपेक्षाकृत छोटा था। ऐसे में उस दिशा में शॉट खेलने की रणनीति बनाई जा सकती थी। वैभव ने अच्छी शुरुआत की और दोनों बल्लेबाजों ने उसी लय को आगे बढ़ाया।
कोचिंग स्टाफ और अभ्यास को दिया श्रेय
अपनी शानदार पारी के पीछे की तैयारी के बारे में अभिषेक ने कहा कि इस तरह की बल्लेबाजी के लिए नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है। उन्होंने अपने कोचिंग स्टाफ और साइडआर्म थ्रोअर को इसका श्रेय दिया। साइडआर्म थ्रोअर अभ्यास के दौरान बल्लेबाजों को तेज गति और अलग-अलग कोणों से गेंद डालकर तैयारी में मदद करते हैं।
अभिषेक ने बताया कि मुकाबले से पहले उनका अभ्यास सत्र अच्छा रहा था और वह उसी तैयारी का फायदा मैच में उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस तरह की पारी खेलने की कल्पना की थी और मैदान पर वैसा ही प्रदर्शन करने में सफल रहे।
12 गेंदों में अर्धशतक बनाना आसान नहीं : अभिषेक
भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह की उस मजाकिया टिप्पणी को लेकर भी अभिषेक से सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अभिषेक ने अब तक 12 गेंदों में अर्धशतक नहीं लगाया है।
इस पर अभिषेक ने हंसते हुए कहा कि वह इस बारे में पहले भी बात कर चुके हैं। उनके मुताबिक, 12 गेंदों में अर्धशतक बनाना आसान नहीं है। इसके लिए मैदान पर जाकर केवल आक्रामक बल्लेबाजी करने की इच्छा काफी नहीं होती। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ी ऐसे व्यक्तिगत रिकॉर्ड के बारे में ज्यादा नहीं सोचते, बल्कि उनका मुख्य लक्ष्य अपनी टीम को मैच जिताना होता है।
रिकॉर्ड पारी से भारत को मिली बड़ी मजबूती
अभिषेक शर्मा की 113 रन की पारी ने एक बार फिर टी-20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक क्षमता को साबित किया। पिच और मैदान की परिस्थितियों को समझकर बनाई गई रणनीति, अभ्यास से मिली तैयारी और वैभव सूर्यवंशी के साथ तालमेल ने भारतीय पारी को तेज रफ्तार दी। अभिषेक की यह पारी उनके आत्मविश्वास के साथ-साथ टीम के लिए परिणाम देने वाली बल्लेबाजी का भी उदाहरण बनी।






























