रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हरेली तिहार के अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने मंत्री वर्मा और उनके परिजनों को नए आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए सुखी, समृद्ध और मंगलमय जीवन की कामना की। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
हरेली कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन का पर्व
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा लोकपर्व है। इस दिन किसान कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का हरेली के शुभ अवसर पर नए शासकीय आवास में गृह प्रवेश इस अवसर को और भी विशेष बनाता है।
किसान छत्तीसगढ़ की प्रगति की धुरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार खेती-किसानी है। किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी हैं और किसानों की समृद्धि में ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि निहित है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। उनके मुताबिक, इससे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा मिले, जिससे किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम हो और वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
खेती के साथ आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें केवल पारंपरिक खेती तक सीमित रखने के बजाय कृषि से जुड़ी सहायक और आयमूलक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। केंद्र और राज्य की सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होंगे तो विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की गति और तेज होगी। सरकार की नीतियों के केंद्र में अन्नदाता का हित है और खेती-किसानी को अधिक समृद्ध एवं लाभकारी बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।














































