P2P ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं; ज्यादातर मर्चेंट पेमेंट भी रहेंगे फ्री, बड़े ट्रांजैक्शन पर भविष्य में मामूली MDR की संभावना
नई दिल्ली। अगर आप रोजाना छोटे-बड़े भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। डिजिटल पेमेंट पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे।
सरकार के अनुसार, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा अधिकांश मर्चेंट पेमेंट भी मुफ्त रहेंगे।
बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लग सकता है मामूली MDR
सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में केवल बड़े और निर्धारित सीमा से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर नाममात्र का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जा सकता है।
यह शुल्क डेबिट या क्रेडिट कार्ड से जुड़े MDR की तुलना में काफी कम रखने की बात कही गई है। संसद से संबंधित विधेयक पारित होने के बाद MDR को लेकर अंतिम निर्णय NPCI की स्टीयरिंग कमेटी द्वारा लिया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित व्यवस्था सभी दुकानों या सभी UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगी और अधिकांश मर्चेंट भुगतान मुफ्त ही रहेंगे।
UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बदलाव की तैयारी
जुलाई 2026 में UPI के माध्यम से करीब 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये रही। डिजिटल भुगतान के लगातार बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर खर्च भी बढ़ रहा है।
सरकार का तर्क है कि लंबे समय तक केवल सब्सिडी पर निर्भर रहना टिकाऊ व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से UPI को अधिक सुरक्षित और दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए PSS Act में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
विदेशी दबाव की खबरों को सरकार ने बताया भ्रामक
सरकार ने UPI से जुड़ी नीति में किसी विदेशी दबाव की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत करना और उसकी सुरक्षा बढ़ाना घरेलू नीति का हिस्सा है।
11 देशों में पहुंच चुका है UPI
भारत का UPI सिस्टम अब 11 देशों में लाइव हो चुका है। तेजी से बढ़ती डिजिटल पेमेंट व्यवस्था के साथ UPI को भारत की प्रमुख डिजिटल पहलों में शामिल किया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी पहचान बढ़ रही है।















































