बस्तर के छिंदनार में ऐतिहासिक पल: सचिन तेंदुलकर ने किया मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन, युवाओं में उत्साह

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दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे सचिन तेंदुलकर, ग्रामीण क्षेत्र में खेल विकास को मिला नया आयाम

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार में बुधवार को ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब भारत रत्न और पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर पहुंचे। उनके आगमन को बस्तर के बदलते स्वरूप और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन, खेल सुविधाओं को मिलेगा नया विस्तार

स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम हाई स्कूल छिंदनार में सचिन तेंदुलकर और मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया गया। इस पहल को ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया स्वागत, बस्तर के बदलते स्वरूप पर जताई खुशी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से सचिन तेंदुलकर के बस्तर आगमन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह बस्तर की नई पहचान है, जो अब भय और असुरक्षा से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की ओर बढ़ रहा है।


“मैदान कप अभियान” से खेलों को मिलेगा बढ़ावा, युवाओं में नई ऊर्जा

सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और मानदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित “मैदान कप अभियान” को खेल विकास की दूरदर्शी पहल बताया गया है। इस अभियान के तहत जनजातीय क्षेत्रों में खेल मैदान और सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।


बच्चों के साथ सचिन की सहभागिता, खेल गतिविधियों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के साथ रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे खेलों में हिस्सा लिया। उनके साथ सारा तेंदुलकर और सोनिया तेंदुलकर भी मौजूद रहीं, जिन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें प्रेरित किया।


स्थानीय छात्रों की भूमिका, बच्चों ने दी खेल गतिविधियों की जानकारी

छिंदनार के छात्रों भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म और अमित कुमार ने सचिन तेंदुलकर को विभिन्न खेल गतिविधियों की जानकारी दी। इससे बच्चों का आत्मविश्वास और बढ़ा तथा कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।


बस्तर में खेल और विकास की नई शुरुआत

सचिन तेंदुलकर का यह दौरा न केवल खेलों को बढ़ावा देने वाला रहा, बल्कि बस्तर क्षेत्र के युवाओं में आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का संचार भी कर गया। यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के खेल विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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