सक्ती में गूंजा परशुराम जन्मोत्सव का भव्य उत्सव, शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब—शहर बना भक्ति और उत्साह का केंद्र

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अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव को लेकर सक्ती में दिखा भव्य धार्मिक उत्साह

सक्ती जिले में सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर कुल प्रवर्तक भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे शहर में धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला।


परशुराम चौक में विशेष पूजा-अर्चना, विशाल प्रतिमा पर श्रद्धालुओं ने अर्पित की आरती

कार्यक्रम की शुरुआत शहर के परशुराम चौक में भगवान परशुराम जी की विशाल प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना और आरती से हुई। सुबह से ही समाज के लोगों की भारी उपस्थिति रही और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


शाम को निकली भव्य शोभायात्रा, शहर के प्रमुख मार्गों में दिखा जनसैलाब

देर शाम शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज बंधु शामिल हुए। आतिशबाजी, बैंड-बाजे और धार्मिक झांकियों के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे शहर का माहौल भक्तिमय कर दिया। शोभायात्रा में भगवान परशुराम जी के साथ अमरनाथ बर्फानी बाबा की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।


शहर में जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा और आरती से गूंजा वातावरण

नगर पालिका कार्यालय के सामने श्यामसुंदर अग्रवाल के नेतृत्व में शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया। वहीं विभिन्न स्थानों पर समाज के वरिष्ठ जनों का माला पहनाकर सम्मान किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए शरबत, ठंडा पानी एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।


परशुराम चौक में मंचीय कार्यक्रम, रात्रि भोज के साथ उत्सव का समापन

शोभायात्रा के परशुराम चौक पहुंचने पर मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के वरिष्ठ एवं युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया और सभी के लिए रात्रि भोज का आयोजन कर कार्यक्रम का समापन किया गया।


पूरे जिले में दिखा उत्सव का असर, सोशल मीडिया पर भी गूंजा परशुराम जन्मोत्सव

अक्षय तृतीया के अवसर पर पूरे सक्ती जिले में भगवान परशुराम जन्मोत्सव की शुभकामनाओं का दौर चलता रहा। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उत्साहपूर्वक बधाइयां साझा कीं, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश गया।

 

Amit sahu
Author: Amit sahu

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