बिलासपुर एयरपोर्ट पर उड़ानों को लेकर अनिश्चितता: 28 मार्च के बाद एलायंस एयर सेवा पर सवाल, समर शेड्यूल अभी तक जारी नहीं

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बिलासपुर एयरपोर्ट से एलायंस एयर की उड़ानों पर संकट गहराया है। 28 मार्च के बाद समर शेड्यूल जारी न होने से उड़ानों के संचालन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

CG Bilaspur Airport Flight Crisis:  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं को लेकर इन दिनों असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एलायंस एयर की उड़ानों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि मौजूदा विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है और इसके बाद के लिए अब तक कोई समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि 28 मार्च के बाद यहां से उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है या अस्थायी रूप से बंद भी हो सकता है।

28 मार्च के बाद क्या होगा

विंटर शेड्यूल खत्म होने में अब महज कुछ दिन ही बचे हैं, लेकिन इसके बावजूद समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। एयरलाइंस के स्थानीय प्रबंधन का कहना है कि नया शेड्यूल हेड ऑफिस से जारी किया जाएगा और फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में यात्रियों के साथ-साथ एयरपोर्ट प्रशासन भी असमंजस में है।

हर 6 महीने में जारी होता है शेड्यूल

आमतौर पर एयरलाइंस कंपनियां हर छह महीने में विंटर और समर शेड्यूल जारी करती हैं। वर्तमान में लागू विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है, लेकिन इस बार तय समय के करीब आने के बावजूद नया शेड्यूल जारी नहीं किया गया, जो असामान्य स्थिति मानी जा रही है।

MP की ओर बढ़ा झुकाव

जानकारों के अनुसार एलायंस एयर का झुकाव अब मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। रीवा रूट पर अधिक वायबिलिटी गैप फंडिंग मिलने के कारण वहां उड़ानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को जबलपुर-कोलकाता रूट से संचालित करने की चर्चा भी सामने आ रही है।

पहले ही घट चुकी हैं उड़ानें

पहले सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाली उड़ानों को घटाकर अब चार दिन कर दिया गया है। इससे यात्रियों को पहले से ही असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता बढ़ गई है।

संघर्ष समिति हुई सक्रिय

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गई है और लगातार जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रही है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक अमर अग्रवाल से इस विषय पर चर्चा की जा चुकी है, वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को भी पूरी जानकारी भेजी गई है। समिति का महाधरना भी जारी है।

4 साल में 1.5 लाख यात्री

समिति के अनुसार पिछले चार वर्षों में करीब 1.50 लाख यात्री बिलासपुर एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं। शहर में हाईकोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और SECL मुख्यालय जैसे बड़े संस्थान होने के कारण यहां यात्रियों की संख्या लगातार बनी रहती है।

नई उड़ानों की मांग

समिति ने मांग की है कि बिलासपुर से दिल्ली और प्रयागराज के लिए नियमित उड़ानें चलाई जाएं और हैदराबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू की जाए। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

समय बदलने का सुझाव

विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों का समय सुबह और शाम के बीच रखा जाना चाहिए। इससे गर्मी के मौसम में यात्रियों की संख्या घटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोड पेनल्टी से भी बचा जा सकेगा।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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