छत्तीसगढ़ में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए के अवैध शिकार में शामिल डिप्टी रेंजर समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
छत्तीसगढ़ में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए के अवैध शिकार में शामिल डिप्टी रेंजर समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा और बीजापुर के जंगलों में की गई, जहां लंबे समय से शिकार की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी वन्यजीवों की खाल को रायपुर ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। पूछताछ के आधार पर केशापुर गांव में दबिश देकर तेंदुए की खाल बरामद की गई। इस दौरान मासो ओयाम और अर्जुन भोगामी को भी गिरफ्तार किया गया। मामले में लक्ष्मण तेलाम, देवीराम ओयाम, रमेश कुड़ियाम, फरसोन पोयामी, सेमला रमेश, सुखराम पोडियाम और छत्रू कुड़ियाम समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
वनमंडलाधिकारी दंतेवाड़ा रामकृष्णा के अनुसार बाघ और तेंदुआ दोनों ही अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि राज्य में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकार जैसे गंभीर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।














































