रायपुर:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी. सीएम ने इस मंगल अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है. इसी पावन अवसर से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है.
सीएम ने दी चैत्र नवरात्र की बधाई
मुख्यमंत्री ने कहा, गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है. यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नव शुरुआत और उत्सवधर्मिता का संदेश देता है,.मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवीय परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विविध स्वरूपों में प्रदेश की आस्था और संस्कृति गहराई से रची-बसी है. यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को सशक्त बनाती है.
देश और प्रदेश में खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है. देवी उपासना केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच और आंतरिक चेतना का भी संचार करती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा, उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहे।
प्रदेश के प्रसिद्ध माता मंदिर
छत्तीसगढ़ प्रदेश में कई माता मंदिर हैं जहां नवरात्र के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. चैत्र नवरात्र के मौके पर हम आपको छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध माता मंदिरों के बारे में संक्षेप में बताते हैं.
मां दंतेश्वरी मंदिर
दंतेवाड़ा जिले में मां दंतेश्वरी माता का मंदिर है. भारत के 52 शक्तिपीठों में से यह एक मंदिर है. मंदिर के बारे में जानकारों का कहना है कि इसका निर्माण चालुक्य वंश के राजाओं ने कराया था. पहाड़ की चोटी पर बने मंदिर को लेकर मान्यता है कि जो भी भक्त यहां मनोकामना दीपक नवरात्र में जलाता है उसकी मनोकामना मां खुद पूरा करती हैं.
महामाया मंदिर
बिलासपुर जिले में महामाया मंदिर है. बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाइवे पर ये मंदिर स्थित है. महामाया मंदिर की गिनती भी 52 शक्तिपीठों में की जाती है. महामाया मंदिर को लेकर भक्तों के बीच मान्यता है कि यहां मांगी गई मुराद जरुर पूरी होती है.
चंद्रहासिनी देवी मंदिर
जांजगीर चांपा में महानदी के किनारे मां चंद्रहासिनी देवी का मंदिर है. नवरात्र के मौके पर मां चंद्रहासिनी देवी के मंदिरों में लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं. नवरात्रि के नौ दिनों में यहां मेले जैसा माहौल रहता है.
बंजारी माता मंदिर
मंदिर को लेकर मान्यता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से मां से मन्नत मांगता है उसकी इच्छा पूरी होती है. नवरात्रि के मौके पर बंजारी माता के मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जुटती है. आस पास के जिलों में भक्त यहां पूजा अर्चना के लिए आते हैं.
जतमई घटारानी मंदिर
रायपुर से 85 किलोमीटर की दूरी पर जतमई घटारानी का ऐतिहासिक मंदिर है. मंदिर के पास में जतमई झरना है. इस वजह से इसे जतमई घटारानी भी कहते हैं. इस मंदिर की खासियत है कि ये सालों भर खुला रहता है.
शिवानी मां का मंदिर
शिवानी मां मंदिर को छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक मंदिरों में गिना जाता है. यहां की प्रतिमा देवी दुर्गा और काली माता को समर्पित है. मूर्ति का आधा भाग देवी काली और आधा भाग देवी दुर्गा को समर्पित माना गया है. मान्यता है कि विधि विधान से मां की पूजा करने वाले को मां आशीर्वाद देती है.
पाताल भैरवी मंदिर
राजनांदगांव में पाताल भैरवी माता का मंदिर है. पाताल भैरवी मंदिर की छत पर एक विशालकाय शिवलिंग स्थापित है जो कई किमी दूर से ही भक्तों को नजर आता है. मंदिर के शीर्ष पर भगवान शिव हैं तो नीचे त्रिपुर सुंदरी के रुप में मां दुर्गा विराजमान हैं. मंदिर के निचले हिस्से में पाताल भैरवी माता का मंदिर है.
गंगा मैया मंदिर
भिलाई के झलमला में प्रसिद्ध गंगा मैया मंदिर है. गंगा मैया मंदिर में सालों भर भक्तों का आना जाना रहता है. नवरात्र के मौके पर गंगा मैया मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए पहुंचती है. मंदिर को लेकर भक्तों के बीच भारी आस्था है.














































