छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बेमेतरा नगर पालिका परिषद के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नरेश कुमार वर्मा के निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बेमेतरा नगर पालिका परिषद के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नरेश कुमार वर्मा के निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य शासन द्वारा जारी आदेश को फिलहाल स्थगित करते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है और जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी ने पैरवी की।
याचिकाकर्ता ने नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि नरेश कुमार वर्मा का मूल पद लेखाकार का है। इसलिए उन पर छत्तीसगढ़ नगर निगम (कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम 1968 (Chhattisgarh Municipal Corporation Service Rules 1968) लागू होते हैं।
अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि 1968 के नियमों के अनुसार किसी कर्मचारी को निलंबित करने का अधिकार केवल नियुक्ति प्राधिकारी या अनुशासनात्मक प्राधिकारी के पास होता है। जबकि इस मामले में निलंबन का आदेश राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया, जो इस संदर्भ में सक्षम प्राधिकारी नहीं है।
राज्य सरकार ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय ने अदालत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि नरेश कुमार वर्मा उस समय कार्यवाहक मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे थे।
राज्य सरकार का तर्क था कि यह पद छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका (कार्यपालन/इंजीनियरिंग/स्वास्थ्य) सेवा नियम 2017 (Chhattisgarh State Municipal Service Rules 2017) के अंतर्गत आता है। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई भी इन्हीं नियमों के तहत की गई।
अदालत ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि नगर पालिका कर्मचारियों के निलंबन के लिए सक्षम प्राधिकारी नियुक्ति या अनुशासनात्मक प्राधिकारी ही होता है।
इसी आधार पर अदालत ने 24 फरवरी 2026 को जारी निलंबन आदेश पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 मई 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित की है।
क्या था निलंबन का पूरा मामला
दरअसल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि नरेश कुमार वर्मा उस समय नगर पालिका परिषद कवर्धा के प्रभारी CMO और जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी (Urban Public Service Society) कबीरधाम के नोडल सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे।
आरोप था कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना (Mukhyamantri Slum Swasthya Yojana) के तहत सेवा प्रदाता कंपनी पर लगाए गए 25 लाख 91 हजार 500 रुपये के अर्थदंड की वसूली नहीं की गई।
इसी आरोप के आधार पर राज्य सरकार ने उन्हें वर्ष 2017 के नियमों के तहत निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग निर्धारित किया गया था।














































