सुकमा (छत्तीसगढ़) – छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आज सुकमा में 22 नक्सली, जिनमें 1 महिला भी शामिल है, ने एक साथ सरेंडर कर दिया। यह सभी माओवादी संगठन में सक्रिय सदस्य थे।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीतियों और पुलिस की बढ़ती सक्रियता से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। जिले में लगातार हो रहे सफल ऑपरेशनों, नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना, सुदृढ़ सड़क संपर्क और विकास कार्यों की बढ़ती पहुँच के कारण माओवादी संगठन का प्रभाव कम हो रहा है।
सरेंडर प्रक्रिया में डीआरजी सुकमा, जिला बल सुकमा, रेंज फील्ड टीम (आरएफटी) जगदलपुर और सीआरपीएफ की विभिन्न वाहिनियों की विशेष भूमिका रही है। इन बलों ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
सुरक्षाबलों को सुकमा-बीजापुर सीमा पर भी बड़ी सफलता मिली। तालपेरू नदी के किनारे नक्सलियों ने ट्रेक्टर, 10 किलो की एंटी हैंडलिंग IED और अन्य सामान छिपाया था, जिसे सीआरपीएफ की 228वीं बटालियन के कमांडेंट लतीफ कुमार साहु और उनकी टीम ने बरामद किया। इससे पहले बीजापुर में सुरक्षाबलों ने समय रहते भारी मात्रा में IED को डिटेक्ट कर नष्ट किया था, जिससे जनहानि टली।















































