गणतंत्र दिवस पर शिक्षा विभाग की झांकी ने रचा इतिहास, सांसद के हाथों शक्ति जिले को मिला प्रथम पुरस्कार

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शक्ति (छत्तीसगढ़) | 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में शक्ति जिले के शिक्षा विभाग ने अपनी झांकी की शानदार प्रस्तुति से पहला स्थान हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद समिति कमलेश जांगड़े एवं जिला पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के हाथों शिक्षा विभाग को सम्मानित किया गया।


जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने ग्रहण किया सम्मान, अतिथियों ने की खुले मंच से सराहना

सम्मान समारोह के दौरान शक्ति जिले की जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. कुमुदिनी बाघ द्विवेदी एवं शक्ति विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक पटेल ने पुरस्कार ग्रहण किया। इस अवसर पर अतिथियों ने शक्ति जिले में शिक्षा विभाग की सक्रिय भूमिका, नवाचार और सतत प्रयासों की सराहना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


जेठा मैदान में प्रस्तुत झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, शिक्षा योजनाओं की जीवंत प्रस्तुति ने जीता दिल

26 जनवरी को आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में जेठा मैदान पर प्रस्तुत शिक्षा विभाग की झांकी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित लोककल्याणकारी, नवाचारपूर्ण एवं समावेशी शैक्षिक योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।


पीएम श्री शाला से स्वामी आत्मानंद स्कूल तक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की झलक

झांकी में प्राथमिक शिक्षा से लेकर माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की प्रमुख योजनाओं को सजीव रूप में दर्शाया गया।
विशेष रूप से पीएम श्री शाला एवं स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय योजना को प्रमुखता दी गई, जिसके माध्यम से सरकारी स्कूलों में आधुनिक अधोसंरचना, अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को प्रदर्शित किया गया।


मध्याह्न भोजन से छात्रवृत्ति तक, समावेशी शिक्षा का मजबूत संदेश

झांकी में मध्याह्न भोजन योजना के जरिए विद्यार्थियों के पोषण और उपस्थिति सुनिश्चित करने, योग शिक्षा, खेल एवं कला शिक्षा, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।


डिजिटल शिक्षा, एआई और रोबोटिक्स ने दिखाई भविष्य की तस्वीर

झांकी का प्रमुख आकर्षण डिजिटल शिक्षा और तकनीकी नवाचार रहा। इसमें डिजिटल स्कूल, स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन शिक्षण सामग्री और आईटी आधारित शिक्षा को प्रदर्शित किया गया।
विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कोडिंग, रोबोटिक्स, डेटा साइंस एवं डिजिटल स्किल आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया, जिससे यह संदेश गया कि छत्तीसगढ़ शासन विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक और रोजगारपरक कौशल से सशक्त करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है।


‘शिक्षा से सशक्त विद्यार्थी, तकनीक से सशक्त छत्तीसगढ़’ का दिया मजबूत संदेश

झांकी के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि AI आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता, नवाचार और आत्मनिर्भरता विकसित की जा रही है।
यह प्रस्तुति विकसित भारत और डिजिटल इंडिया के निर्माण में छत्तीसगढ़ के युवाओं की भूमिका को रेखांकित करती नजर आई।


 

Amit sahu
Author: Amit sahu

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