अनेक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
घरघोड़ा क्षेत्र में Vidhik Jagrukta Abhiyan के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग और विभिन्न NGOs की संयुक्त पहल के तहत व्यापक डोर-टू-डोर संपर्क अभियान संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकना, बाल श्रम व नशा के खिलाफ चेतना बढ़ाना और POCSO अधिनियम सहित अन्य कानूनी प्रावधानों की जानकारी लोगों तक पहुँचाना रहा।

बाल विवाह और POCSO अधिनियम पर विस्तृत जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा-स्वास्थ्य और बाल संरक्षण संबंधी नियमों की जानकारी दी गई। Vidhik Jagrukta Abhiyan के माध्यम से हाल ही में शुरू किए गए 100 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान को भी लोगों तक विस्तार से बताया गया ताकि बाल विवाह मुक्त समाज का लक्ष्य सुनिश्चित हो सके।

अधिकारियों के मार्गदर्शन में अभियान को मिली रफ्तार
छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशन और जिला व तालुका स्तर के अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान चलाया गया। जिला अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में पैरालीगल वालंटियर्स बालकृष्ण, टीकम सिदार और लवकुमार चौहान द्वारा घरघोड़ा क्षेत्र के नवापारा, कारगिल चौक, कंचनपुर, न्यायिक परिसर, खेल मैदान और बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर Vidhik Jagrukta Abhiyan को आगे बढ़ाया गया।

कानूनों की सरल जानकारी और मुफ्त विधिक सहायता पर जोर
वालंटियर्स ने लोगों को नालसा की योजनाओं, मानवाधिकार दिवस, दिव्यांगजन अधिकार और आगामी 13 दिसंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही 15100 नालसा टोल-फ्री नंबर, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 1091 महिला हेल्पलाइन की उपयोगिता बताई गई। Vidhik Jagrukta Abhiyan के तहत आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने और कानूनों को सरल भाषा में समझाकर कानूनी प्रक्रियाओं में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।















































